मुंबई के दहिसर इलाके में एक ऑर्केस्ट्रा बार पर पुलिस की रात की छापेमारी अचानक सुर्खियों में आ गई। नियमों के उल्लंघन की शिकायत पर की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने बार स्टाफ के साथ-साथ 64 ग्राहकों को भी हिरासत में ले लिया। लेकिन मामला तब पलट गया जब कोर्ट ने ग्राहकों को हिरासत में लेने पर सवाल उठाए और उन्हें छोड़ने का आदेश दे दिया। वहीं बार स्टाफ के खिलाफ एक्शन जारी है।
का एक ऑर्केस्ट्रा बार- नाम 'समुद्र'- जहां आमतौर पर लोग म्यूजिक और माहौल के लिए आते हैं, वहां अचानक पुलिस की एंट्री होती है। और एंट्री भी ऐसी कि कहानी सिर्फ स्टेज पर नहीं रुकती, सीधे थाने और फिर कोर्ट तक पहुंच जाती है। सूचना थी कि बार में तय नियमों की अनदेखी हो रही है- समय सीमा से ज्यादा देर तक संचालन, और कुछ अन्य गड़बड़ियां। पुलिस पहुंची तो अंदर का नजारा सिर्फ स्टाफ तक सीमित नहीं था।
पुलिस की छापेमारी के दौरान समुद्र नाम के इस बार में मौजूद करीब 64 ग्राहक और 8 स्टाफ मेंबर- सभी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। साथ ही मौके से कुछ बार डांसरों को भी सुरक्षित बाहर निकाला गया। बार की सामान्य रात अचानक पुलिस ऑपरेशन में बदल चुकी थी।
छापेमारी के बाद सभी को दहिसर पुलिस स्टेशन लाया गया। मामला अब सिर्फ नियमों के उल्लंघन का नहीं, बल्कि बड़ी कार्रवाई का बन चुका था। पुलिस का दावा था कि बार तय नियमों के बाहर जाकर चल रहा था और कार्रवाई जरूरी थी। मंगलवार को सभी को बोरीवली कोर्ट में पेश किया गया। और यहीं कहानी ने दिशा बदल ली। कोर्ट ने जब मामले को सुना तो खासतौर पर इस बात पर सवाल उठे कि सिर्फ बार में मौजूद ग्राहकों को हिरासत में क्यों लिया गया?
कोर्ट की टिप्पणी साफ थी- सिर्फ वहां मौजूद होना किसी अपराध का आधार नहीं बन सकता। कोर्ट ने आदेश दिया कि सभी 64 ग्राहकों को नोटिस देकर तुरंत रिहा किया जाए। पुलिस को निर्देश मिला कि ग्राहकों को छोड़ दिया जाए, जबकि बार स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी और उन्हें आगे फिर कोर्ट में पेश किया जाएगा।
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